
रायगढ़ पुलिस ने बाइक चोरी कर फर्जी आरसी और दस्तावेज तैयार कर बिक्री करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। कार्रवाई में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर 25 चोरी की बाइक, एक एप्पल लैपटॉप और कलर प्रिंटर बरामद किया गया है। जब्त संपत्ति की कुल कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई गई है।
कहां और कब
यह कार्रवाई रायगढ़ जिले में 1 फरवरी 2026 को थाना पूंजीपथरा,
लैलूंगा और साइबर थाना की संयुक्त टीम द्वारा की गई।
कौन शामिल
गिरोह में बाइक चोर, ऑटो डीलर मैनेजर, कैश मैनेजर, खरीददार और लोक सेवा केंद्र संचालक/ऑपरेटर शामिल थे। मुख्य आरोपी मुकेश चौहान है, जबकि उसका साथी विकेश दास महंत पहले से जेल में निरुद्ध है।
कैसे हुआ खुलासा
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर संपत्ति संबंधी अपराधों की सख्त जांच के दौरान पुलिस ने दो चोरी की बाइक के साथ एक संदिग्ध को पकड़ा। पूछताछ में चेन खुलती गई और पता चला कि चोरी की बाइकों के चेसिस नंबर से असली मालिक की जानकारी निकालकर फर्जी PBC/RC कार्ड प्रिंट किए जाते थे। इन दस्तावेजों पर फर्जी हस्ताक्षर कर बाइकों को सेकेंड हैंड के रूप में बेचा जाता था।
क्यों अहम है मामला
यह गिरोह संगठित तरीके से दस्तावेजी धोखाधड़ी कर आम नागरिकों और डीलरों को गुमराह कर रहा था। मामले में संगठित अपराध की धारा 112 (2) BNS सहित फर्जी दस्तावेज से जुड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
बरामदगी: 25 चोरी की बाइक, 1 एप्पल लैपटॉप, 1 कलर प्रिंटर
कुल कीमत: लगभग 16 लाख रुपये
धाराएं: 303(2), 112(2), 317(2), 336(3) BNS
सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। शेष बाइकों के मालिकों से संपर्क कर आगे की कार्रवाई जारी है।
एसएसपी का संदेश
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने नागरिकों से अपील की है कि सेकेंड हैंड बाइक खरीदते समय आरसी, बीमा और पहचान दस्तावेजों की पूरी जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
गिरफ्तार आरोपी
1. मुकेश चौहान उर्फ नान्ही — बाइक चोर
2. चंद्र कुमार यादव — ऑटो डीलर मैनेजर
3. पुरुषोत्तम प्रधान — ऑटो डीलर कैश मैनेजर
4. मुकेश प्रधान — खरीददार
5. इरशाद खान — ऑटो डीलर कर्मी
6. अजय पटेल — लोक सेवा केंद्र संचालक
7. संजय अगरिया — लोक सेवा केंद्र ऑपरेटर
पुलिस टीम की भूमिका
पूंजीपथरा, लैलूंगा और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने समन्वित कार्रवाई कर इस संगठित गिरोह को पकड़ा।




